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नवी मुंबई

नवी मुंबई में 71.99 टन गणेशोत्सव निर्माल्य से बनेगी खाद

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एनएमएमसी ने फूलों और पूजा सामग्री को अलग-अलग जमा कर वैज्ञानिक तरीके से खाद बनाने की पहल की।

निर्माल्य

गणेशोत्सव के दौरान नवी मुंबई महानगरपालिका (एनएमएमसी) ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 71.99 टन निर्माल्य एकत्र किया। इसमें फूल, हार, दूर्वा, तुलसी, शमी के पत्ते और अन्य जैविक पूजा सामग्री शामिल थी।

एनएमएमसी ने इस निर्माल्य को सामान्य कचरे से अलग रखकर तुर्भे स्थित केंद्र में भेजा है, जहां इसका वैज्ञानिक तरीके से प्रसंस्करण कर खाद बनाई जाएगी। तैयार खाद का उपयोग शहर के NMMC के उद्यानों में किया जाएगा।  निर्माल्य को अलग से जमा करने के लिए महानगरपालिका ने शहर के 22 प्राकृतिक और 156 कृत्रिम विसर्जन स्थलों पर विशेष व्यवस्था की थी। नागरिकों से भी अपील की गई थी कि वे फूल और अन्य पूजा सामग्री को सामान्य कचरे में न मिलाएं।

सबसे अधिक 25.99 टन निर्माल्य सातवें दिन एकत्र हुआ। इसी दिन गौरी विसर्जन भी हुआ था। वहीं, डेढ़ दिन के गणपति विसर्जन के दौरान 14.51 टन और अनंत चतुर्दशी के दिन 10.95 टन निर्माल्य जमा किया गया। एनएमएमसी ने पर्यावरण-अनुकूल तरीके से गणेशोत्सव मनाने और कचरे को अलग-अलग जमा करने में सहयोग देने के लिए नागरिकों का आभार व्यक्त किया।

इस पहल से धार्मिक आस्था से जुड़े फूल और पूजा सामग्री कचरे में जाने के बजाय शहर के हरित क्षेत्र के लिए उपयोगी खाद में बदली जा सकेगी।

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