Connect with us

नवी मुंबई

नेरुल और डीपीएस तलाव का संवर्धन: प्राकृतिक वैभव और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए सरकार सख्त

Published

on

वन मंत्री गणेश नाईक ने दिए निर्देश; फ्लेमिंगो के साथ-साथ सुनहरे सियार और मंगूस के अधिवास को सुरक्षित रखने की कवायद।

योजना

नवी मुंबई की भागदौड़ भरी जिंदगी के बीच, नेरुल का डीपीएस तलाव और उसके आसपास का इलाका हजारों गुलाबी फ्लेमिंगो (मराल) पक्षियों और अन्य जीव-जंतुओं के लिए एक शांत और सुंदर आशियाना रहा है। हालांकि, पिछले कुछ समय से बुनियादी ढांचे के विकास और घटते जलस्रोत के कारण यहां के प्राकृतिक माहौल पर खतरा मंडराने लगा था। स्थानीय निवासियों ने न केवल फ्लेमिंगो की संख्या में कमी देखी, बल्कि इस क्षेत्र में सुनहरे सियार और मंगूस जैसे अन्य वन्यजीवों के अस्तित्व पर भी चिंता जताई।

इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए पूर्व नगरसेविका नेत्रा शिर्के की याचिका पर महाराष्ट्र के वन मंत्री गणेश नाईक ने मंत्रालय में एक अहम बैठक बुलाई। बैठक में सिडको, नवी मुंबई नगर निगम और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि वन्यजीवों के इस प्राकृतिक निवास को हर हाल में सुरक्षित रखा जाए।

योजना के तहत लगभग 36.878 हेक्टेयर क्षेत्र को ‘संरक्षण क्षेत्र’ घोषित करने और नेरुल सेक्टर 52-ए को ‘फ्लेमिंगो कंजर्वेशन जोन’ में शामिल करने की तैयारी की जा रही है। मंत्री नाईक ने अधिकारियों को तलाब के प्राकृतिक जल प्रवाह और खाद्य चक्र को बनाए रखने के लिए तत्काल कदम उठाने और सात दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है।

प्रकृति प्रेमियों के लिए यह निर्णय एक बड़ी राहत लेकर आया है, जिससे नवी मुंबई की पहचान बने इन खूबसूरत प्रवासी पक्षियों और स्थानीय वन्यजीवों को एक सुरक्षित भविष्य मिल सकेगा।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

मुख्य समाचार