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नवी मुंबई

नवी मुंबई के छह विसर्जन स्थलों पर निर्माल्य संग्रह, खाद बनाने में होगा उपयोग

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गणेशोत्सव के दौरान फूलों और धार्मिक सामग्री को अलग-अलग एकत्र कर पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा।

निर्माल्य

गणेशोत्सव के दौरान शहर में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए डॉ. श्री नानासाहेब धर्माधिकारी प्रतिष्ठान की ओर से नवी मुंबई के छह प्रमुख गणेश विसर्जन स्थलों पर निर्माल्य संग्रह अभियान चलाया जा रहा है। इस पहल के तहत फूलों और अन्य धार्मिक सामग्री को जलाशयों में विसर्जित करने के बजाय अलग से एकत्र किया जा रहा है।

भक्तों से अपील की जा रही है कि वे पूजा से जुड़े फूल और अन्य निर्माल्य निर्धारित कलश में ही डालें। इसके बाद स्वयंसेवक निर्माल्य को इकट्ठा कर गीले और सूखे कचरे से अलग करते हैं। फूलों को आगे खाद बनाने के लिए भेजा जाता है। यह अभियान दिवाले जेट्टी, बेलापुर गांव तालाब, नेरुल गांव तालाब, शिरवणे-जुईनगर स्थित चिंचोली तालाब, कोपरखैरणे धरण तालाब और ऐरोली क्रीक तालाब में चलाया जा रहा है।

डेढ़ दिन के गणपति विसर्जन के दौरान इन छह स्थानों से कुल 1,485 किलोग्राम निर्माल्य एकत्र किया गया। इनमें ऐरोली से सबसे अधिक 450 किलोग्राम और कोपरखैरणे से 320 किलोग्राम निर्माल्य जमा हुआ। एकत्र किए गए फूलों से तैयार खाद का उपयोग आगे पेड़ लगाने और शहर की हरियाली बनाए रखने के लिए किया जाएगा।

गणेशोत्सव के दौरान यह अभियान जारी रहेगा। इसके जरिए नागरिकों को धार्मिक उत्सव मनाने के साथ-साथ कचरे का जिम्मेदारी से निपटारा करने और पर्यावरण को स्वच्छ रखने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

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