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नवी मुंबई

रिश्वतखोरी पर शिकंजा: ₹8 लाख की रिश्वत मामले में राज्यकर उपायुक्त गिरफ्तार

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जीएसटी जांच बंद करने के एवज में रिश्वत मांगने वाले अधिकारी को नवी मुंबई एसीबी ने दबोचा।

उपायुक्त गिरफ्तार

प्रशासनिक भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए नवी मुंबई भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने राज्यकर विभाग के उपायुक्त दीपक रामचंद्र क्षीरसागर को हिरासत में लिया है। अधिकारी पर जारी जीएसटी जांच को दबाने के एवज में भारी रिश्वत मांगने का आरोप है।

पूरा मामला ‘मेसर्स विधी इंडस्ट्रीज’ नाम से स्क्रैप ट्रेडिंग का कारोबार करने वाले एक स्थानीय व्यवसायी की शिकायत से जुड़ा है। व्यवसायी को जीएसटी क्रेडिट और स्क्रूटनी के सिलसिले में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। जब पीड़ित व्यापारी मामले को सुलझाने के लिए क्षीरसागर से मिला, तो आरोप है कि अधिकारी ने जांच बंद करने के लिए शुरुआत में ₹15 लाख की मांग की। बातचीत के बाद रिश्वत की रकम ₹8 लाख तय हुई।

उत्पीड़न के आगे झुकने के बजाय व्यापारी ने सीधे एसीबी का दरवाजा खटखटाया। अधिकारियों ने क्षीरसागर के दफ्तर में रिश्वत की मांग की गुप्त रूप से पुष्टि की। इसके बाद सीबीडी बेलापुर पुलिस स्टेशन में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया। एफआईआर दर्ज होते ही एसीबी की टीम ने क्षीरसागर को मुंबई के माझगांव स्थित जीएसटी भवन कार्यालय से हिरासत में ले लिया।

जिस समय रिश्वत मांगी गई थी, उस समय क्षीरसागर कोंकण भवन में सहायक आयुक्त के पद पर तैनात थे, जिन्हें बाद में पदोन्नत कर उपायुक्त बनाया गया था। एसीबी ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई सरकारी सेवक काम के एवज में रिश्वत मांगे, तो तुरंत उनके टोल-फ्री नंबर 1064 पर शिकायत दर्ज कराएं।

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