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नवी मुंबई

नवी मुंबई पुलिस ने 15 करोड़ रुपये के कथित पोंजी घोटाले का किया पर्दाफाश, दो गिरफ्तार

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उच्च रिटर्न वाले निवेश धोखाधड़ी के मामले में करीब 300 निवेशकों के ठगे जाने की आशंका, पुलिस अन्य 45 एजेंटों की तलाश कर रही है।

पोंजी योजना

नवी मुंबई क्राइम ब्रांच के आर्थिक खुफिया सेल ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जिन पर एक पोंजी योजना में शामिल होने का आरोप है। इस योजना के तहत असाधारण रिटर्न का वादा करके लगभग 300 निवेशकों से करीब 15 करोड़ रुपये की ठगी की गई है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कोलकाता के रहने वाले 48 वर्षीय तीर्थंकर तुषारकांत सेनगुप्ता (जिसे इस घोटाले का मास्टरमाइंड माना जा रहा है) और कामोठे के रहने वाले 58 वर्षीय जयंत ओक (जो कथित तौर पर एजेंट के रूप में काम करता था) के रूप में हुई है। पुलिस कम से कम 45 अन्य संदिग्ध एजेंटों की तलाश कर रही है।

जांचकर्ताओं के अनुसार, आरोपी निवेशकों को यह दावा करके आकर्षित करते थे कि केंद्र सरकार ने 3.34 लाख करोड़ रुपये में जर्मनी को इरिडियम के कण बेचे हैं। उन्होंने नवंबर 2026 तक 5 लाख रुपये के निवेश पर 9 करोड़ रुपये से लेकर 28 करोड़ रुपये तक के रिटर्न का वादा किया था।

यह कथित घोटाला ‘कस्टोडियन बेनिफिशियरी असोसिएट्स ऑफ पार्टनर’ नाम से चलाया जा रहा था। पुलिस को संदेह है कि ये वादे एक धोखाधड़ी वाले निवेश अभियान का हिस्सा थे। यह फर्जीवाड़ा आर्थिक खुफिया सेल को इस योजना के बारे में जानकारी मिलने के बाद सामने आया। पुलिस का एक अधिकारी निवेशक बनकर तुर्भे स्थित ले मेरिडियन होटल में आरोपियों से मिला। अधिकारी द्वारा 5 लाख रुपये के प्रस्तावित निवेश के अग्रिम भुगतान के रूप में 1 लाख रुपये सौंपे जाने के बाद, पुलिस ने होटल में छापा मारकर दोनों को गिरफ्तार कर लिया।

सहायक पुलिस आयुक्त विशाल हिरे ने बताया कि पिछले दो वर्षों में लगभग 300 निवेशकों के साथ ठगी किए जाने की आशंका है, जिनमें निवेश की गई राशि 3 लाख रुपये से 5 लाख रुपये के बीच है। पुलिस कुल रकम का पता लगाने और अन्य संदिग्धों की पहचान करने के लिए मामले की जांच कर रही है।

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