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नवी मुंबई

दिघा के सार्वजनिक शौचालय का मुद्दा फिर गरमाया, वैशाली पाटील ने नामांकित नगरसेवकों पर साधा निशाना

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एनएमएमसी महासभा में शिवसेना नगरसेविका वैशाली पाटील ने कहा- जनता के बुनियादी मुद्दों को उठाने के बजाय बार-बार एक ही विषय पर चर्चा करना उचित नहीं।

शौचालय का मुद्दा

नवी मुंबई महानगरपालिका (एनएमएमसी) की महासभा में दिघा स्थित सार्वजनिक शौचालय का मुद्दा एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया। इस दौरान शिवसेना की नगरसेविका वैशाली पाटील ने इस मुद्दे को बार-बार उठाए जाने पर नाराजगी जताते हुए नामांकित नगरसेवकों की भूमिका पर सवाल उठाए।

वैशाली पाटील ने कहा कि दिघा के नागरिकों की कई महत्वपूर्ण समस्याएं हैं, जिन्हें महासभा में प्राथमिकता से उठाया जाना चाहिए। उन्होंने कुछ वर्ष पहले दिघा में अनधिकृत निर्माणों के खिलाफ हुई कार्रवाई का मुद्दा उठाते हुए सवाल किया कि इस कार्रवाई के कारण बेघर हुए हजारों नागरिकों की जिम्मेदारी कौन लेगा।

उन्होंने कहा कि वह खुद दिघा की रहने वाली हैं और यहां की समस्याओं से अच्छी तरह परिचित हैं। ऐसे में जनप्रतिनिधियों को जनता के हित से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए। नामांकित नगरसेवकों पर तंज कसते हुए पाटील ने उनके भाषणों की तुलना दिवाली से पहले फूटने वाले लवंगी पटाखों से की। उन्होंने कहा कि ऐसे बयानों का जवाब देने के बजाय वह अपने क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाने और उनके समाधान पर ध्यान देना पसंद करेंगी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि जनप्रतिनिधियों को व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप के बजाय जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता देनी चाहिए।

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