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नवी मुंबई

नवी मुंबई का जल सुरक्षा विजन: 2051 तक हर घर में निर्बाध पानी की तैयारी

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क्लस्टर पुनर्विकास और डेटा सेंटरों की जरूरतों को पूरा करने के लिए पोशिर और शिलार बांधों पर ध्यान।

योजना

गगनचुंबी इमारतें, आधुनिक क्लस्टर पुनर्विकास और तेजी से स्थापित होते डेटा सेंटर नवी मुंबई का परिदृश्य तेजी से बदल रहा है। इस तेज शहरीकरण के बीच भविष्य में पानी की भारी किल्लत न हो, इसके लिए नवी मुंबई नगर निगम ने 2051 तक की जल सुरक्षा की एक व्यापक और दूरदर्शी योजना तैयार की है।

वर्ष 2038 तक शहर की आबादी 28 लाख से अधिक होने का अनुमान है। ऐसे में वर्तमान में मुख्य स्रोत ‘मोरबे बांध’ पर अत्यधिक निर्भरता जोखिम भरी हो सकती है। नगर निगम आयुक्त डॉ. कैलास शिंदे के अनुसार, निगम पोशिर बांध से 500 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) पानी प्राप्त करने के लिए राज्य सरकार से लगातार संपर्क में है। इसके अलावा, शिलार बांध के विकल्प और पातालगंगा नदी से 150 एमएलडी अतिरिक्त पानी चरणबद्ध तरीके से हासिल करने की तैयारी है।

चुनौती केवल आवासीय इलाकों की नहीं है। एक 30-मेगावाट का डेटा सेंटर प्रतिदिन लगभग 35 एमएलडी पानी की खपत करता है। पीने के पानी की बचत के लिए नगर निगम इन औद्योगिक डेटा सेंटरों को MIDC के ट्रीटमेंट प्लांट से शोधित (Recycled) पानी मुहैया कराएगा। साथ ही, शहर भर में 17 नए जलकुंभ (पानी की टंकियां) बनाए जाएंगे, जिससे 265 एमएलडी अतिरिक्त भंडारण क्षमता विकसित होगी।

पुनर्विकास के बढ़ते दबाव को देखते हुए, नगर निकाय ने सर्वसम्मति से एक विशेषज्ञ संस्था नियुक्त करने का फैसला लिया है, जो पानी, बिजली और यातायात पर पड़ने वाले असर का अध्ययन करेगी। भविष्य का यह जल नियोजन सुनिश्चित करेगा कि नवी मुंबई की आधुनिक प्रगति में कभी पानी की कमी आड़े न आए।

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