Connect with us

नवी मुंबई

बदहाली के शिकार सार्वजनिक शौचालय, नवी मुंबई में फूटा जनता का गुस्सा

Published

on

एनएमएमसी की बैठक में गूंजा शौचालय की दुर्दशा का मुद्दा, नागरिकों ने बुनियादी सुविधाओं और मरम्मत की उठाई मांग।

शौचालय

रोजाना सफर करने वाले मुसाफिरों, स्थानीय दुकानदारों और आम जनता के लिए नवी मुंबई में साफ शौचालय ढूंढना बेहद मुश्किल साबित हो रहा है। आधुनिक और स्वच्छ शहर का दावा करने वाले नवी मुंबई नगर निगम (एनएमएमसी) की हालिया बैठक में सार्वजनिक शौचालयों की खस्ताहाल स्थिति को लेकर जमकर हंगामा हुआ।

शहर के कई इलाकों में बने सामुदायिक और सार्वजनिक शौचालय भारी उपेक्षा का शिकार हैं। कहीं दरवाजे टूटे हैं, तो कहीं नल और पानी का अता-पता नहीं है। चारों तरफ फैली गंदगी और बदबू के कारण लोग इनका इस्तेमाल करने से कतरा रहे हैं। लाखों रुपये की लागत से लगाए गए “ई-टॉयलेट” भी देखरेख के अभाव में कबाड़ बन चुके हैं इनकी सिक्के डालने वाली मशीनें और नल तक चोरी हो चुके हैं। महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह समस्या स्वास्थ्य और सम्मान से जुड़ी बड़ी चुनौती बन गई है।

इसके अलावा, स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पार्कों और खेल के मैदानों में शौचालय बनाने पर भी कड़ा एतराज जताया है। उनका कहना है कि इस वजह से बच्चों के खेलने और लोगों के टहलने की खुली जगहें खत्म हो रही हैं।

जनता के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए नगर निगम के अधिकारियों ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है। प्रशासन अब असफल साबित हो रहे ऑटोमैटिक टॉयलेट्स की जगह पारंपरिक और बेहतर देखभाल वाले शौचालयों पर ध्यान केंद्रित करने की योजना बना रहा है। साथ ही, सामाजिक संस्थाओं और कॉर्पोरेट फंड की मदद से दैनिक सफाई सुनिश्चित करने की बात कही जा रही है।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

मुख्य समाचार