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नवी मुंबई

तुर्भे वेस्ट-टू-एनर्जी प्रोजेक्ट पर शिवसेना का विरोध, भ्रष्टाचार के आरोप

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शिवसेना नेताओं ने ₹2,200 करोड़ के टेंडर को रद्द करने की मांग की, ठेकेदार की अनियमितताओं और स्थानीय निवासियों के स्वास्थ्य जोखिमों का हवाला दिया।

प्रोजेक्ट

नवी मुंबई नगर निगम (एनएमएमसी) द्वारा तुर्भे डंपिंग ग्राउंड में प्रस्तावित वेस्ट-टू-एनर्जी (सीबीजी) प्रोजेक्ट को लेकर एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। शिवसेना के स्थानीय नेताओं ने इस परियोजना में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए इसका तीव्र विरोध शुरू कर दिया है।

स्थानीय निवासियों और जनता की चिंताओं को उठाते हुए शिवसेना के नगरसेवक अनिकेत म्हात्रे ने नगर निगम अधिकारियों और राजनीतिक दिग्गजों पर त्रुटिपूर्ण निविदा (टेंडर) प्रक्रिया के माध्यम से ₹2,200 करोड़ के घोटाले का आरोप लगाया है। पार्टी का दावा है कि चुनी गई ठेकेदार कंपनी मूल पात्रता मानदंडों को पूरा नहीं करती है, जिससे संकेत मिलता है कि कुछ विशेष हितों को लाभ पहुंचाने के लिए निविदा नियमों की अनदेखी की गई है।

वित्तीय अनियमितताओं के अलावा, पार्टी नेताओं ने तुर्भे स्थल के आसपास रहने वाले नागरिकों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया है। इस मामले में दीर्घकालिक समाधान की मांग करते हुए शिवसेना ने पर्यावरण मंत्री से हस्तक्षेप करने, टेंडर प्रक्रिया की तकनीकी जांच शुरू करने और दोषी पाए जाने वाले ठेकेदारों पर दंडात्मक कार्रवाई करने की अपील की है।

अनिकेत म्हात्रे ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक स्वास्थ्य और नागरिक कोष से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने इस पूरे ठेके को रद्द करने और कचरा डंपिंग ग्राउंड को आवासीय क्षेत्रों से बहुत दूर स्थानांतरित करने की मांग की है।

शिवसेना द्वारा प्रोजेक्ट को तत्काल रद्द करने की मांग और बढ़ते राजनीतिक दबाव के कारण, नगर निगम प्रशासन को तुर्भे डंपिंग ग्राउंड परियोजना की योजनाओं की समीक्षा करने पर मजबूर होना पड़ सकता है।

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