Connect with us

नवी मुंबई

नवी मुंबई में पानी की बचत और टैंकर माफिया पर नियंत्रण को लेकर चर्चा

Published

on

एनएमएमसी की जलापूर्ति एवं मलनिस्सारण समिति की बैठक में घणसोली में मोटर पंपों, एसटीपी के पानी के पुन: उपयोग और निजी टैंकरों की मनमानी वसूली का मुद्दा उठा।

चर्चा

नवी मुंबई महानगरपालिका (एनएमएमसी) के मुख्यालय में जलापूर्ति एवं मलनिस्सारण समिति की बैठक सभापति रविकांत पाटील की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में शहर में पानी के उचित प्रबंधन, पेयजल की बचत और जलापूर्ति से जुड़ी विभिन्न समस्याओं पर चर्चा की गई।

रविकांत पाटील ने बताया कि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) में उपचारित पानी का इस्तेमाल गाड़ियां धोने, निर्माण कार्यों और बगीचों में सिंचाई के लिए करने पर चर्चा हुई। इससे पीने के पानी की बचत करने में मदद मिलेगी और उपलब्ध जल संसाधनों पर दबाव भी कम होगा। बैठक में घणसोली के कुछ इलाकों में लगाए गए मोटर पंपों का मुद्दा भी उठाया गया। सदस्यों के अनुसार, इन मोटरों के कारण पानी के वितरण पर असर पड़ रहा है। कुछ इमारतों में पर्याप्त पानी पहुंचता है, जबकि अन्य इमारतों को पानी की कमी का सामना करना पड़ता है। इस मामले में उचित कार्रवाई करने पर चर्चा की गई।

इसके अलावा, निजी पानी के टैंकरों द्वारा कथित तौर पर मनमाने शुल्क वसूलने पर भी चिंता जताई गई। पाटील ने आरोप लगाया कि टैंकर के लिए रसीद पर कम राशि दर्ज होने के बावजूद लोगों से 3,000 से 3,500 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। उन्होंने टैंकर सेवाओं पर नियंत्रण और निगरानी बढ़ाने की जरूरत बताई।

पाटील ने कहा कि पानी की बर्बादी रोकने, उपचारित पानी का सही इस्तेमाल करने और जलापूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाना जरूरी है।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

मुख्य समाचार