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नवी मुंबई

नवी मुंबई साइबर सेल ने महापे में फर्जी बीमा कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया

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महापे रैकेट का पर्दाफाश: देशभर के वाहन मालिकों से ठगे ₹88 लाख।

फर्जी बीमा कॉल सेंटर

साइबर धोखाधड़ी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए, नवी मुंबई साइबर पुलिस और अपराध शाखा (क्राइम ब्रांच) ने महापे के एक टेक पार्क से चल रहे एक हाई-टेक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। अप्रैल 2025 से चल रहे इस घोटाले में फर्जी मोटर वाहन बीमा रिन्यूअल (नवीनीकरण) के नाम पर देश भर के वाहन मालिकों से ₹88 लाख से अधिक की ठगी की गई।

इस पूरे रैकेट का खुलासा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज 145 शिकायतों की जांच के बाद हुआ। धोखाधड़ी में इस्तेमाल किए गए सिम कार्डों को ट्रैक करके साइबर टीम ने आईटी पार्क के इस ठिकाने का पता लगाया। मास्टरमाइंड खुद को असली बीमा कंपनियों के अधिकारी बताकर लोगों को निशाना बनाते थे। वे पॉलिसी रिन्यूअल के नाम पर प्रीमियम वसूलते थे और पैसे मिलने के बाद कोई पॉलिसी जारी किए बिना संपर्क तोड़ देते थे।

इस सिलसिले में तीन मुख्य संदिग्धों—प्रसाद तोडनकर, वैभव इंगले और फयाज अब्बास नासिर—को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा, पुलिस ने सेंटर में काम करने वाले 32 टेली-कॉलिंग एजेंटों को कानूनी नोटिस तामील किए हैं। छापेमारी के दौरान पुलिस ने डिजिटल सबूतों का एक बड़ा जखीरा जब्त किया, जिसमें 26 मोबाइल फोन, 27 कंप्यूटर हार्ड डिस्क, 5 लैपटॉप और कॉल करने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे 8 एक्टिव सिम कार्ड शामिल हैं।

वरिष्ठ अधिकारियों ने वाहन मालिकों से सतर्क रहने की अपील की है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे फोन पर किसी के साथ भी अपने बैंक खाते की जानकारी या ओटीपी साझा न करें। किसी भी संदिग्ध वित्तीय गतिविधि की शिकायत तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर करें।

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