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नवी मुंबई

वाशी की इमारतों की विवादित मंजूरी पर राज्य स्तरीय जांच के आदेश

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फायर अफसर द्वारा दबाव का दावा करने के बाद एनएमएमसी आयुक्त ने गठित की 2 सदस्यीय समिति।

समिति

वाशी स्थित ‘नैवेद्य’ और ‘अलबेला’ इमारतों को भोगवटा प्रमाण पत्र जारी किए जाने के विवाद में नवी मुंबई नगर निगम (एनएमएमसी) के आयुक्त डॉ. कैलाश शिंदे ने एक उच्च स्तरीय दो सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है।

यह विवाद तब गहराया जब मुख्य अग्निशमन अधिकारी पुरुषोत्तम जाधव ने नगर निगम की आम सभा में यह चौंकाने वाला खुलासा किया कि उन पर इन इमारतों के लिए नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनऔसी) देने का वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा दबाव बनाया गया था। इस एनओसी के आधार पर ही नगर रचना (टाउन प्लानिंग) विभाग ने इमारतों को नियमित करते हुए भोगवटा प्रमाण पत्र जारी किए थे।

अग्निशमन और नगर रचना विभाग के आमने-सामने आने के बाद आयुक्त शिंदे ने महाराष्ट्र अग्निशमन सेवा के निदेशक संतोष वारिक और नगर रचना विभाग के सह-निदेशक वाघमोडे की एक राज्य स्तरीय समिति बनाई है। इस समिति को 15 दिनों के भीतर नगर निगम के दस्तावेजों की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

दूसरी तरफ, अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए एनएमएमसी ने अधिकारी जाधव को कारण बताओ (शो-कॉज) नोटिस भी जारी किया है। प्रशासन ने सवाल उठाया है कि यदि उन पर कोई दबाव था, तो उन्होंने सार्वजनिक रूप से बयान देने से पहले इसकी लिखित शिकायत उच्च अधिकारियों से क्यों नहीं की।

राज्य स्तर पर शुरू हुई इस विरली जांच के जरिए अब एनएमएमसी के नगर नियोजन और मंजूरी प्रक्रियाओं में हुई प्रशासनिक कमियों की कड़ाई से पड़ताल की जाएगी।

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