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नवी मुंबई

बालू कांबड़े के परिवार को आर्थिक सहायता और नौकरी दे सिडको: चंद्रशेखर बावनकुले

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खारघर के बेलपाड़ा निवासी 59 वर्षीय आदिवासी व्यक्ति की 27 अक्टूबर को अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई के दौरान मौत हुई थी। सिडको ने कार्रवाई और मौत के बीच किसी भी संबंध से इनकार किया है।

सहायता

राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने सिडको को निर्देश दिया है कि खारघर के बेलपाड़ा निवासी मृतक बालू रामा कांबड़े (59) के परिवार को आर्थिक सहायता और परिवार के किसी पात्र सदस्य को नौकरी दी जाए। कांबड़े की 27 अक्टूबर को अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई के दौरान मौत हो गई थी।

भाजपा विधायक विक्रांत पाटिल के अनुसार, 28 अक्टूबर को मंत्री के कार्यालय में हुई बैठक में ये निर्देश दिए गए। बैठक में सरकारी जमीन पर हुए अतिक्रमण और बेलपाड़ा के 24 घरों के पुनर्वास पर भी चर्चा हुई। बावनकुले ने सिडको और रायगढ़ जिला प्रशासन को सरकारी जमीन पर मौजूद अवैध निर्माणों और उनमें रहने वाले लोगों की सूची तैयार करने का निर्देश दिया।

मंत्री ने सिडको को कांबड़े के परिवार को आर्थिक सहायता और उनके किसी पात्र उत्तराधिकारी को नौकरी देने के लिए नगर विकास विभाग के समक्ष प्रस्ताव पेश करने को कहा। पाटिल ने यह भी सवाल उठाया कि तोड़फोड़ की कार्रवाई से कम से कम एक सप्ताह पहले निवासियों को नोटिस क्यों नहीं दिए गए। 27 अक्टूबर को सुबह करीब 11 बजे कांबड़े बेलपाड़ा के साईं मंदिर के पास आदिवासी वाड़ी स्थित अपनी झोपड़ी में घायल अवस्था में मिले थे। उन्हें पनवेल उप-जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

परिवार ने आरोप लगाया कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के कारण उनकी मौत हुई। हालांकि, सिडको ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कार्रवाई केवल एक अवैध व्यावसायिक ढांचे और तिरपाल के शेड के खिलाफ की गई थी। कांबड़े की झोपड़ी को नहीं छुआ गया था। खारघर पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 194 के तहत आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज किया है। मामले की जांच जारी है। मौत का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं हुआ है।

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