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नवी मुंबई

एनएमएमसी ने नेरुल के मीनाताई ठाकरे अस्पताल में उन्नत माइक्रोबायोलॉजी लैब का शुभारंभ किया

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संक्रामक रोग निदान और शीघ्र प्रकोप का पता लगाने के लिए 80 लाख रुपये की सीएसआर-वित्त पोषित सुविधा।

शुभारंभ

नवी मुंबई नगर निगम (एनएमएमसी) ने नेरुल स्थित माँसाहेब मीनाताई ठाकरे अस्पताल में एक अत्याधुनिक माइक्रोबायोलॉजी प्रयोगशाला का उद्घाटन किया है, जिससे शहर की नैदानिक ​​क्षमताओं में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। अस्पताल की दूसरी मंजिल पर स्थित यह प्रयोगशाला, आदित्य बिड़ला फाउंडेशन और प्राइड इंडिया के सहयोग से कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के तहत लगभग 80 लाख रुपये की लागत से स्थापित की गई है।

बैक्टीरिया, वायरस, कवक और परजीवियों का पता लगाने वाली उन्नत प्रणालियों से सुसज्जित, इस नई सुविधा से संक्रामक रोगों का तेज़ और अधिक सटीक निदान संभव होने की उम्मीद है। अधिकारियों ने बताया कि यह प्रयोगशाला समय पर और उचित एंटीबायोटिक उपचार सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और साथ ही बीमारियों के प्रकोप, खासकर मौसमी उछाल का जल्द पता लगाकर जन स्वास्थ्य निगरानी को भी मज़बूत करेगी।

प्रयोगशाला रक्त कल्चर और संवेदनशीलता, थूक, मूत्र, मल, शरीर-द्रव और कवक कल्चर सहित कई प्रकार के नैदानिक ​​परीक्षण प्रदान करती है। यह कोविड-19 और स्वाइन फ्लू के लिए आरटी-पीसीआर परीक्षण, साथ ही एचआईवी, एचसीवी और एचबीएसएजी के लिए एलिसा परीक्षण करने में भी सक्षम है, जिससे अस्पताल के नैदानिक ​​पोर्टफोलियो का व्यापक विस्तार होता है।

महाराष्ट्र के मंत्री गणेश नाइक और एनएमएमसी आयुक्त डॉ. कैलाश शिंदे ने उद्घाटन के दौरान इस सुविधा का निरीक्षण किया और इसे नवी मुंबई में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। इस उन्नत प्रयोगशाला के जुड़ने से, एनएमएमसी का लक्ष्य संक्रामक रोगों के प्रति अपनी तैयारी और प्रतिक्रिया को बढ़ाना है, जिससे अंततः पूरे क्षेत्र में रोगियों के स्वास्थ्य परिणामों में सुधार होगा।

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